Shri hit Mangal Gaan by Shri Hit Sevak Ji Maharaj, praising Shri Harivansh Ji and the divine virtues of Vrindavan.

श्रीहित मंगल गान

श्री हित मंगल गान जै जै श्री हरिवंश व्यास कुल मंडना। रसिक अनन्य्नी मुख्य गुरु जन भय खण्डना।। श्री वृन्दावन बास रास रस भूमि जहाँ। क्रीडत श्यामा श्याम पुलिन मंजुल तहां।। पुलिन मंजुल परम पावन त्रिविध तहां मारूत बहै। कुञ्ज भवन विचित्र शोभा मदन नित सेवत रहै।। तहाँ सन्तत व्यास नन्दन रहत कलुष विहण्डना। जै […]

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