Vrindavan Ras Charcha

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Shri Hariram Vyas Ji: The Rasik Saint of Vrindavan

श्री हरिराम व्यास जी की जीवनी (विशाखा सखी अवतार)

श्री हरिराम व्यास जी ओरछा (बुन्देलखण्ड) के निवासी श्रीसुमोखन जी शुक्ल के पुत्र रत्न थे। ओरछा राज्य के राजगुरु जैसे कुलीन परिवार में जन्म लेने के कारण राजा एवं प्रजा दोनों ही इनका अत्यन्त सम्मान किया करते थे। ये अपने समय के एक अद्वितीय विद्वान थे। इन्होंने शास्त्रों-पुराणों का गहन अध्ययन किया था, जिसके कारण

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"Humare Mai Syama Ju ko raj" verse by Shri Vitthal Vipul Dev Ji Maharaj, describing the divine rule of Shree Radha Rani and Lord Krishna's devotion to her.

हमारें माई स्यामा जू कौ राज

हमारें माई स्यामा जू कौ राज |  जाके अधीन सदाई साँवरौ या ब्रज कौ सिरताज ||  यह जोरी अविचल वृन्दावन नाहिं आन सों काज |  श्री विट्ठल विपुल बिहारिनि के बल दिन जलधर ज्यौ गाज ||  – श्री विठ्ठल विपुल देव जी महाराज, श्री विट्ठल विपुल देव जी की वाणी (27)   हमारी माई (सखी)

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Shree Radha Baba's verse 'He Vrishabhanu Sute Lalite' expressing deep longing for Radha Rani’s mercy.

हे वृषभानु सुते ललिते, मम कौन कियो अपराध तिहारो?

हे वृषभानु सुते ललिते, मम कौन कियो अपराध तिहारो? काढ़ दियो ब्रज मंडल से, अब और भी दंड दियो अति भारो। सो कर ल्यो, आपनों कर ल्यो, निकुंज कुटी यमुना तट प्यारो। आप सों जान दया के निधान, भई सो भई अब बेगी सम्हारो। – श्री राधा बाबा यह जो पद है, श्री राधा बाबा

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Shree Radha Baba meditating, reflecting his life of simplicity and devotion

श्री राधा बाबा जी की जीवनी

श्री राधा बाबा: गोरखपुर के महान संत और उनकी आध्यात्मिक यात्रा श्री राधा बाबा का नाम भारतीय आध्यात्मिकता के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। गोरखपुर के इस महान संत ने जीवनभर अपने सिद्धांतों और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से ईश्वर के प्रति अटूट भक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया। हालांकि, श्री राधा बाबा ने अपने

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Hit Safut Vani - Sacred Teachings by Shri Hit Harivansh Mahaprabhu Ji

Raho Kou Kahu Manhi Diye – Hit Safut Vani – verse 20

Raho Kou Kahu Manhi Diye, Mere Prannath Shri Shyama Sapath Karon Trin Chiye. Je Avtaar Kadamb Bhajat Hain Dhari Drida Vrat Ju Hiye. Teu Umagi Tajat Maryada Van Vihar Ras Piye. Khoye Ratan Phirat Je Ghar Ghar Kaun Kaj Jiye. Jai Shri Hita Harivansh Anat Sachu Nahin, Binu Ya Raj Hi Liye. Shri Hita Harivansh

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Hit Safut Vani - Sacred Teachings by Shri Hit Harivansh Mahaprabhu Ji

रहौ कोऊ काहू मनहि दिये।- श्री हित स्फुट वाणी पद 20

रहौ कोऊ काहू मनहि दिये। मेरे प्राणनाथ श्री श्यामा सपथ करौं तृण छिये ।। जे अवतार कदंब भजत हैं धरि दृढ़ ब्रत जु हिये। तेऊ उमगि तजत मर्जादा वन बिहार रस पिये।। खोये रतन फिरत जे घर-घर कौन काज जिए । (जैश्री) हित हरिवंश अनत सचु नाहीं बिनु या रजहिं लिये।। – श्री हित हरिवंश

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